नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और अन्य चुनाव आयुक्तों के बीच विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मतभेद की अटकलों पर चुनाव आयोग ने विराम लगा दिया है। आयोग ने आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि SIR प्रक्रिया समेत हाल के महीनों में लिए गए सभी महत्वपूर्ण निर्णय पूरी तरह से सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद जारी प्रेस रिलीज में आयोग ने बताया कि SIR का पहला आदेश 24 जून 2025 को बिहार से शुरू किया गया था। इसके बाद प्रक्रिया को पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में आगे बढ़ाया गया। 27 अक्टूबर 2025 को 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए शेड्यूल जारी हुआ, जबकि 14 मई 2026 को 19 अन्य राज्यों के लिए कार्यक्रम घोषित किया गया। आयोग के अनुसार, शेष 12 राज्यों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के बाद ही मतदाताओं का अंतिम आंकड़ा साफ होगा।
इसके साथ ही आयोग ने ECINET सिस्टम की स्वतंत्र समीक्षा के लिए सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में एक समिति के गठन का ऐलान किया है, जिसमें IIT/IIIT के स्वतंत्र विशेषज्ञ शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, दिल्ली और महाराष्ट्र में दावे और आपत्तियां दर्ज कराने व उनके निपटारे की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। दूसरी ओर, बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने आयोग के इस स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए विपक्ष के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।
