गिरिडीह, झारखंड: गिरिडीह स्थित कबरीबाद खदान में अवैध कोयला कटाई के दौरान एक मजदूर की मौत के बाद बुधवार को भारी हंगामा देखने को मिला। मृतक की पहचान मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के खंडिहा गांव निवासी दिलीप दास के रूप में हुई है। ग्रामीणों के भारी विरोध और अधिकारियों के साथ हुई मैराथन वार्ता के बाद मृतक के परिजनों को मुआवजा देने पर सहमति बनी।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- घटना का स्थान: कबरीबाद खदान, गिरिडीह (झारखंड)
- मृतक: दिलीप दास, निवासी- खंडिहा गांव
- मुआवजा राशि: 50 हजार रुपये (तत्काल), 2 लाख रुपये (दो महीने बाद)
- कार्रवाई: खदान मैनेजर रामसागर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया।
पूरी घटना और प्रशासन की वार्ता
बुधवार दिन भर ग्रामीण कबरीबाद खदान के समीप दिलीप दास के शव को रखकर हंगामा करते रहे। वे तब तक डटे रहे जब तक कि मुआवजा राशि तय नहीं हो गई।
दूसरी ओर, बनियाडीह स्थित सीसीएल के प्रोजेक्ट ऑफिस में प्रशासनिक अधिकारियों और प्रबंधन के बीच बैठक चली। इसमें प्रोजेक्ट ऑफिसर गोपाल सिंह मीणा, सदर एसडीपीओ जितवाहन और मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो शामिल हुए।
- प्रबंधन का बयान: प्रोजेक्ट ऑफिसर गोपाल सिंह मीणा ने बताया कि मृतक के अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता राशि का उपबंध किया गया है, जबकि 2 लाख रुपये की राशि दो महीने बाद दी जाएगी।
- पुलिस की कार्रवाई: सदर एसडीपीओ जितवाहन ने कहा कि परिजनों के फर्द बयान पर मामला दर्ज कर गहन जांच की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल, कबरीबाद कोयला खदान के मैनेजर रामसागर को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
खदानों में कोयला सिंडिकेट पर उठते सवाल
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, गिरिडीह की कबरीबाद और ओपिनकास्ट दोनों खदानों में कोयला चोरी कोई नई बात नहीं है।
आरोप है कि सुरक्षा अधिकारियों, कर्मियों, खदान मैनेजरों और कोयला तस्करों का एक बड़ा सिंडिकेट यहां सक्रिय है, जिसमें आउटसोर्सिंग एजेंसी के कर्मचारी भी शामिल हैं। जब भी कोई बड़ी दुर्घटना होती है, तो सीसीएल प्रबंधन मृतकों को ‘कोयला चोर’ बताकर कुछ राशि देकर पल्ला झाड़ लेता है।
