हजारीबाग जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान दो अलग-अलग हिंसक घटनाएं हुईं। पहली घटना में गदोखर गांव में धारदार हथियार से हमला हुआ, जिससे राम कुमार साव की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना दीपूगढ़ा में चाकू से हमला हुआ, जिसमें मुकेश कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हुए।
हजारीबाग रामनवमी जुलूस में हिंसा
हजारीबाग जिले में रामनवमी जुलूस के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से हिंसक घटनाएं सामने आईं। इससे जिले का माहौल तनावपूर्ण हो गया है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
गदोखर पंचायत में धारदार हथियार से हमला, एक की मौत
पहली घटना कटकमसांडी प्रखंड के गदोखर गांव में हुई। रामनवमी जुलूस के दौरान दो पक्षों में विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया।
इस दौरान गदोखर पंचायत के मुखिया नारायण साव के भाई, राम कुमार साव उर्फ रामा साव (40 वर्ष) पर धारदार हथियार भुजाली से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल राम कुमार को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
दीपूगढ़ा में चाकू से हमला, एक गंभीर रूप से घायल
दूसरी हिंसक घटना बीती देर रात लगभग 11 से 12 बजे दीपूगढ़ा में हुई। यहां ब्रह्मऋषि समाज के अध्यक्ष मुकेश कुमार सिंह पर आपसी रंजिश के कारण चाकू से हमला हुआ।
गंभीर रूप से घायल मुकेश कुमार सिंह को आरोग्यम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए RIMS (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) रेफर किया गया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
प्रशासन की सतर्कता और पोस्टमार्टम विवाद
घटनाओं के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सीओ अनिल कुमार गुप्ता समेत कई अधिकारी अस्पताल पहुंचे और जांच शुरू कर दी।
मृतक राम कुमार साव के पोस्टमार्टम में देरी और स्वास्थ्य व्यवस्था के विरोध में हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने सदर अस्पताल गेट पर धरने पर बैठकर विरोध जताया।
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और भगवान श्रीराम के आदर्शों पर चलते हुए शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने की अपील की है।
