झारखंड के जमशेदपुर से गरबा कार्यक्रम के दौरान एक विशेष समुदाय के युवक के प्रवेश करने को लेकर भारी बवाल का मामला सामने आया है। आरोपी युवक अपनी पहचान छिपाकर एक युवती के साथ गरबा उत्सव में शामिल हुआ था। हालांकि, आयोजकों की नजर पड़ने पर उसकी पोल खुल गई, जिसके बाद हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताते हुए युवती के परिजनों को इस बात की सूचना दी। देखते ही देखते इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तूल पकड़ गया और इस पर राज्य की राजनीति गरमा गई है। इस पूरे घटनाक्रम में झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की एंट्री हो चुकी है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।
हिंदू संगठनों की आपत्ति और बीजेपी की प्रतिक्रिया घटना के बाद ‘हिंदू उत्सव समिति’ और ‘हिंदू रक्षा दल’ ने विभिन्न गरबा आयोजनों में अन्य धर्मों के युवकों के प्रवेश पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी द्वारा पुलिस-प्रशासन को 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाने पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
जमशेदपुर महानगर बीजेपी अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने कहा कि डांडिया और गरबा मां दुर्गा की आराधना और सनातन संस्कृति के पवित्र धार्मिक आयोजन हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि पहचान छिपाकर प्रवेश करने या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलती है, तो प्रशासन को निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों की मर्यादा और सुरक्षा को लेकर सवाल उठाने वाले संगठनों को निशाना बनाना पूरी तरह अनुचित है।
