झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के दशकर्म के दौरान काफी भावुक नजर आए। रामगढ़ जिले के पैतृक गांव नेमरा में संथाली रीति-रिवाजों और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस दौरान सीएम हेमंत सोरेन ने अपने भाई के साथ मुंडन संस्कार कराया, और परिजनों के साथ सभी रस्मों में हिस्सा लिया।
अपने माता-पिता के कड़े संघर्षों को याद करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए। उन्होंने नम आंखों से कहा कि उनके माता-पिता ने अपनी पूरी जिंदगी संघर्ष में बिता दी, लेकिन जब उनके जीवन में सुख के दिन देखने का समय आया, तो मां और बाबा दोनों ही उनका साथ छोड़कर हमेशा के लिए चले गए। उन्होंने कहा कि अगर आज वे दोनों जीवित होते, तो उन्हें उनकी और सेवा करने का अवसर मिलता।
संथाली परंपरा से हुए अनुष्ठान, रविवार को होगा संस्कार भोज नेमरा गांव में स्वर्गीय रूपी सोरेन के दशकर्म के अवसर पर संथाली संस्कृति और परंपरा के अनुसार सभी धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए गए। इस दौरान परिवार के सदस्यों के साथ कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। नेमरा में रविवार को संस्कार भोज का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें शामिल होने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव के भी पहुंचने की संभावना है। गौरतलब है कि बाबा रामदेव के दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के साथ बेहद प्रगाढ़ और मित्रवत संबंध रहे हैं।
