लखनऊ अग्निकांड: दौरा बीच में छोड़ पहुंचे CM योगी; घटनास्थल का लिया जायजा, घायलों से मिले और ₹5-5 लाख मुआवजे का किया ऐलान

लखनऊ: राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में लगी भीषण आग के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संवेदनशीलता दिखाते हुए अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया। मुख्यमंत्री तुरंत लखनऊ लौटे और सीधे घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) जाकर घायलों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। सीएम योगी ने इस हादसे के दोषियों के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।

एनीमेशन सेंटर के छात्रों समेत 15 की मौत, 7 घायल

अलीगंज के ऊषा मेहता मार्ग पर स्थित एक कमर्शियल बिल्डिंग में सोमवार को यह दर्दनाक हादसा हुआ। इमारत में मौजूद एक एनिमेशन सेंटर में पढ़ाई कर रहे कई छात्रों सहित कुल 15 लोगों की इस अग्निकांड में मौत हो गई, जबकि 7 अन्य गंभीर रूप से झुलस गए।

खुद ऊपरी मंजिलों पर जाकर लिया जायजा

सरकारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री शाम करीब 6:15 बजे घटनास्थल पहुंचे। उन्होंने भारी सुरक्षा और अधिकारियों की मौजूदगी में तीन मंजिला इमारत की ऊपरी मंजिलों पर जाकर स्थिति को खुद देखा। इस दौरान उनके साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद और पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। सीएम ने वहां मौजूद चश्मदीदों से भी बात की और घटनाक्रम की जानकारी ली।

केजीएमयू में घायलों से मिले, डॉक्टरों को दिए निर्देश

घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मुख्यमंत्री सीधे केजीएमयू अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने ऑक्सीजन सपोर्ट पर जिंदगी की जंग लड़ रही एक घायल महिला कर्मचारी समेत अन्य मरीजों से बातचीत की। सीएम ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि पीड़ितों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए और उन्हें बेहतर से बेहतर मेडिकल सुविधाएं मुफ्त दी जाएं।

मुआवजे की घोषणा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का अल्टीमेटम

मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए प्रभावित परिवारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है:

  • मृतकों के परिजनों को: ₹5-5 लाख की आर्थिक सहायता।
  • घायलों के इलाज के लिए: ₹50-50 हजार की फौरी राहत राशि।

दोषी बख्शे नहीं जाएंगे: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में कहा कि इस भीषण लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी अधिकारी या व्यक्ति को कतई बख्शा नहीं जाएगा। मामले की जांच कराकर दोषियों पर ऐसी कार्रवाई होगी जो नजीर बनेगी।

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