रांची: राजधानी के निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा के अधिकार (RTE) अधिनियम की धज्जियां उड़ाते हुए मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने के मामले में रांची जिला प्रशासन अब बेहद सख्त हो गया है। रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार को निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की जमकर क्लास लगाई।
बढ़ी हुई फीस करनी होगी एडजस्ट
डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन स्कूलों ने आरटीई (RTE) अधिनियम और सरकारी गाइडलाइंस के विरुद्ध जाकर इस सत्र में फीस बढ़ाई है, उन्हें बढ़ी हुई राशि को इसी वर्ष की आगामी मंथली फीस में एडजस्ट (Adjust) करना होगा। स्कूलों को यह रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर जिला प्रशासन को सौंपनी होगी।
बैठक से गायब प्रिंसिपलों को ‘शो कॉज’
बैठक के दौरान यह बात सामने आई कि पिछली बैठक के निर्देशों के बावजूद 16 स्कूलों ने कोई रिपोर्ट जमा नहीं की थी। इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए डीसी ने बैठक में अनुपस्थित रहने वाले प्रिंसिपलों को ‘शो कॉज’ (कारण बताओ नोटिस) जारी करने का आदेश दिया। साथ ही, इन स्कूलों की स्थिति के बारे में सीबीएसई (CBSE) के रीजनल ऑफिस से भी जानकारी मांगी जाएगी।
70% तक फीस वृद्धि पर प्रशासन हैरान
समीक्षा के दौरान अभिभावकों की ओर से मिली शिकायतों पर भी चर्चा हुई, जिसमें पाया गया कि कई स्कूल 45 से लेकर 70 प्रतिशत तक फीस बढ़ा रहे हैं। डीसी ने कड़े लहजे में कहा कि शिक्षा ‘सेवा’ का माध्यम है, इसे ‘व्यवसाय’ न बनाएं।
नहीं माने तो रद्द होगी मान्यता
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो स्कूल फीस एडजस्ट नहीं करेंगे, उन पर भारी पेनल्टी लगाई जाएगी। गंभीर मामलों में स्कूलों की मान्यता (Affiliation) रद्द करने के लिए भी उच्च अधिकारियों को अनुशंसा की जा सकती है। बैठक में रांची डीईओ और डीटीओ सहित कई शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे।
