रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन अब एक नए और दिलचस्प मोड़ पर पहुँच गया है। आंदोलनकारी छात्रों के बीच एकजुटता में कमी आती दिख रही है, जिसका नतीजा यह हुआ कि शनिवार को स्टेडियम परिसर में तीसरा धरना स्थल अस्तित्व में आ गया। वामपंथी छात्र संगठन ‘आयसा’ (AISA) ने मुख्य मंच से अलग अपना एक नया टेंट लगा लिया है।
नेहा बोरा के पहुँचने पर हंगामा और विरोध
शनिवार को आंदोलन स्थल पर उस समय सरगर्मी बढ़ गई जब चर्चित छात्र नेत्री नेहा बोरा ‘आयसा’ के टेंट में पहुँचीं। उनके साथ भाकपा (माले) के पूर्व विधायक विनोद सिंह भी मौजूद थे। हाल ही में राजधानी में हुई ‘स्याही फेंकने’ की घटना के मद्देनजर नेहा बोरा कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच स्टेडियम पहुँची थीं।
स्टेडियम पहुँचने पर ‘आयसा’ समर्थकों और कुछ छात्रों ने नेहा बोरा के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बना लिया और उन्हें टेंट तक ले गए।
आंदोलन के ‘राजनीतिकरण’ का आरोप
नेहा बोरा की मौजूदगी को लेकर धरना स्थल पर मौजूद आम छात्रों के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। छात्रों के एक बड़े गुट ने उनकी उपस्थिति का पुरजोर विरोध किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि कुछ लोग छात्रों के इस स्वतःस्फूर्त आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बढ़ते विरोध को देखते हुए नेहा बोरा कुछ ही देर में वहाँ से रवाना हो गईं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, लग रहे CCTV कैमरे
जैसे-जैसे आंदोलन लंबा खिंच रहा है और संगठनों की संख्या बढ़ रही है, प्रशासन भी सतर्क हो गया है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने और सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने के लिए जयपाल सिंह स्टेडियम परिसर में प्रशासन द्वारा CCTV कैमरे लगाने का काम शुरू कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उपद्रवी तत्वों पर नज़र रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
दूसरी ओर, आंदोलनकारी छात्रों का दावा है कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद उनका हौसला कम नहीं हुआ है और उन्हें झारखंड के अलावा देश के अन्य हिस्सों से भी छात्रों और युवाओं का समर्थन मिल रहा है।
