रांची: झारखंड की राजधानी रांची में नदियों के अस्तित्व को बचाने, शहर की जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने के लिए रांची नगर निगम (RMC) पूरी तरह सख्त हो गया है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव के निर्देश पर शनिवार को शहर में अतिक्रमण और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ एक साथ दो बड़े अभियान चलाए गए।
नदियों का निरीक्षण: ग्राउंड जीरो पर पहुंचे नगर आयुक्त
नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने खुद वार्ड नंबर 43 में भूसुर नदी और वार्ड नंबर 36 में डिबडीह नदी का जमीनी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया कि नदियों में भारी मात्रा में गाद (कीचड़) और जलकुंभी जमा है। इसके अलावा कई जगहों पर लोगों ने नदी के किनारों पर अवैध निर्माण कर रखा है और घरों व कमर्शियल बिल्डिंग्स का गंदा पानी (ड्रेनेज) सीधे नदियों में बहाया जा रहा है।
स्थिति को देखते हुए नगर आयुक्त ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- सफाई में तेजी: जेसीबी और मजदूरों (मैनुअल) की मदद से नदी से गाद और जलकुंभी हटाने के काम को युद्धस्तर पर किया जाए।
- अवैध निर्माण पर बुलडोजर: नदी किनारे जिन लोगों ने भी अतिक्रमण किया है, उनकी पहचान कर अवैध ढांचों को तुरंत ढहाया जाए। बिल्डिंग बाय-लॉज का उल्लंघन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।
- सीधे ड्रेनेज बहाने पर जुर्माना: जो लोग अपने घरों या प्रतिष्ठानों का गंदा पानी सीधे नदी या सड़कों पर बहा रहे हैं, उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
बड़गाईं चौक से बूटी स्कूल तक चला पीला पंजा
एक तरफ जहां नदियों को बचाने की कवायद शुरू हुई, वहीं दूसरी तरफ वार्ड 5 के बड़गाईं चौक से लेकर बूटी स्कूल तक मुख्य मार्ग पर नगर निगम का ‘पीला पंजा’ (बुलडोजर) चला। यहाँ सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गईं लगभग 10 दुकानों, शेड और अस्थायी ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
निगम अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई से पहले बकायदा जमीन की मापी कराई गई थी और अतिक्रमणकारियों को खुद से कब्जा हटाने का समय भी दिया गया था। मियाद पूरी होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया।
