अरवल, बिहार: बिहार के भागलपुर में हुए विक्रमशिला पुल के हादसे के बाद, अरवल जिले में पुनपुन नदी पर बना किंजर पुल भी जर्जर स्थिति में सामने आया है। भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के बाद से आम लोगों और वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- स्थान: किंजर पुल, पुनपुन नदी, अरवल (बिहार), राष्ट्रीय राजमार्ग-33
- स्थिति: पुल पूरी तरह से जर्जर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
- प्रशासनिक कदम: एहतियातन बैरिकेडिंग कर भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक
- जनता की समस्या: अन्य मार्गों से जाने पर चालकों को 30-40 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
पूरी घटना और यात्रियों की परेशानी
राष्ट्रीय राजमार्ग 33 पर स्थित किंजर पुल इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। भागलपुर की घटना के बाद अरवल जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
हालांकि छोटी गाड़ियों और सवारी वाहनों को गुजरने की अनुमति दी गई है, लेकिन जर्जर ढांचे के कारण यात्रियों और स्थानीय लोगों में लगातार डर का माहौल बना रहता है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस पुल के जीर्णोद्धार के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
“हाल के वर्षों में कई बड़े पुल हादसे सामने आए हैं, ऐसे में किंजर पुल की अनदेखी किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकती है।” – संजय सिंह, स्थानीय निवासी, किंजर बाजार
धार्मिक स्थलों और श्रद्धालुओं पर असर
यह मार्ग पितृपक्ष के दौरान भी अत्यधिक व्यस्त रहता है जब हजारों श्रद्धालु किंजर मंदिर के पास पिंडदान करने आते हैं। भारी वाहनों के रूट डायवर्जन से न केवल समय और ईंधन की बर्बादी हो रही है, बल्कि व्यावसायिक वाहनों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
स्थानीय लोग और वाहन चालक राज्य सरकार एवं प्रशासन से जल्द से जल्द पुल के जीर्णोद्धार और मरम्मत की मांग कर रहे हैं ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
