रांची: कथित रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार अब्दुल हाफिज ने जेल से बाहर आने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। आरोपी की ओर से दाखिल की गई जमानत याचिका पर आगामी 22 जून 2026 को विशेष विजिलेंस कोर्ट (विशेष सतर्कता अदालत) में सुनवाई होगी। इस हाई-प्रोफाइल मामले को लेकर कानूनी और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
42 हजार रुपये की घूस मांगने का है आरोप
पूरा मामला ट्रैक्टर छुड़ाने से जुड़ा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अशवन तिर्की का ट्रैक्टर जिला खनन विभाग द्वारा जब्त कर लिया गया था। आरोप है कि अब्दुल हाफिज ने इस जब्त ट्रैक्टर को छोड़ने की प्रक्रिया में मदद करने के नाम पर 42,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) से कर दी थी।
पूछताछ के बाद एसीबी ने किया था गिरफ्तार
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने फौरन एक्शन लेते हुए मामले की शुरुआती जांच की। जांच के क्रम में आरोपी को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान मिले पुख्ता सबूतों और तथ्यों के आधार पर एसीबी ने अब्दुल हाफिज को गिरफ्तार कर लिया और फिर विशेष कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया था।
22 जून को दोनों पक्षों की दलीलों पर टिकी नजरें
अब इस मामले में आरोपी की जमानत याचिका पर विशेष विजिलेंस अदालत सुनवाई करेगी। कोर्ट 22 जून को बचाव पक्ष और एसीबी (अभियोजन पक्ष) की दलीलों को सुनने के बाद यह तय करेगा कि आरोपी को जमानत दी जाए या नहीं। इधर, एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और दोषियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
