गुवाहाटी: असम के ऐतिहासिक कामाख्या मंदिर में विश्व प्रसिद्ध ‘अंबुबाची मेला’ आज (सोमवार) रात से शुरू होने जा रहा है। ‘प्रवृत्ति’ के पावन अवसर पर आज रात ठीक 9:08 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी अवधि के दौरान देवी कामाख्या का वार्षिक रजस्वला (मासिक धर्म) चक्र आरंभ होता है।
कामाख्या देवालय के ‘सारू डोलोई’ हिमाद्री शर्मा ने बताया कि ‘निवृत्ति’ के बाद, 26 जून की सुबह सूर्योदय के पश्चात मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोले जाएंगे।
तीन दिन और तीन रात चलेगा महा-यज्ञ
कपाट बंद रहने के दौरान मंदिर परिसर में विशेष अनुष्ठान किए जाएंगे। हिमाद्री शर्मा के मुताबिक:
“23, 24 और 25 जून को लगातार तीन दिन और तीन रात तक ‘महा-यज्ञ’ का आयोजन होगा। इसके बाद 26 जून को मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसके तहत मां कामाख्या की विशेष पूजा और पवित्र स्नान के बाद भक्तों को दर्शन की अनुमति मिलेगी।”
प्रशासन की तैयारी: 8 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद
कामरूप मेट्रोपॉलिटन ज़िला प्रशासन के अनुसार, इस साल मेले में लगभग 8 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। पिछले रिकॉर्ड्स पर नजर डालें तो:
- साल 2024: कुल 7,46,066 श्रद्धालु आए थे (20 विदेशी शामिल)।
- पिछले साल: कुल 7,72,019 लोग पहुंचे थे (42 विदेशी शामिल)।
पर्यटन मंत्री अजंता नियोग ने बताया कि इस भव्य आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार के 24 अलग-अलग विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। नीलाचल पहाड़ियों पर आने वाले हजारों श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए तीन बड़े कैंप भी बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताया आभार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोशल मीडिया पर आस्था प्रकट करते हुए लिखा:
“नीलाचल पर विराजमान माता कामाख्या के पवित्र अंबुबाची महायोग के पावन अवसर पर, जगत जननी के चरणों में कोटि-कोटि नमन। मां कामाख्या की कृपा-दृष्टि सभी के जीवन को खुशी, शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक शक्ति से भर दे, यही मेरी प्रार्थना है। जय मां कामाख्या!”
