पटना: बिहार की राजधानी पटना के दीदारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत महुली रोड पर रविवार देर रात एक खाद्य तेल भंडारण केंद्र (गोदाम) में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप ले लिया कि पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने चंद मिनटों में ही पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया।
आग बुझाने में छूटे पसीने, पानी के साथ फोम का हुआ इस्तेमाल
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। आग की भयावहता को देखते हुए पटना के अलग-अलग फायर स्टेशनों से तुरंत अतिरिक्त दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। शुरुआत में 22 गाड़ियों को राहत कार्य में लगाया गया था, लेकिन स्थिति बेकाबू होते देख इनकी संख्या बढ़ाकर लगभग 30 कर दी गई।
गोदाम में भारी मात्रा में रिफाइंड, सरसों तेल और अन्य खाद्य तेलों का स्टॉक होने के कारण आग लगातार भड़कती रही। केवल पानी की बौछारों से आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था, जिसके चलते दमकल कर्मियों को फोम आधारित अग्निशमन सामग्री का इस्तेमाल करना पड़ा। रातभर चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
सड़क पर उबलकर बहने लगा तेल, इलाका सील
भीषण गर्मी और आग के अत्यधिक तापमान के कारण गोदाम के भीतर ड्रमों में रखा तेल उबलकर बाहर मुख्य सड़क तक बहने लगा। सड़क पर खौलता तेल फैलने से खतरा और ज्यादा बढ़ गया। किसी भी बड़ी अप्रिय घटना को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी (बैरीकेडिंग) कर दी और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, कोई हताहत नहीं
राहत की बात यह रही कि इस भीषण अग्निकांड में अब तक किसी भी व्यक्ति के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है। हालांकि, गोदाम में रखा करोड़ों रुपये का खाद्य तेल और अन्य सामान जलकर खाक हो गया है। प्रशासन द्वारा नुकसान का सटीक आकलन किया जा रहा है। फिलहाल आग लगने की स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, लेकिन शुरुआती तौर पर इसे शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। पुलिस और दमकल विभाग मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
