रांची: 14वीं जेपीएससी (JPSC) परीक्षा में हुई कथित धांधली के खिलाफ अभ्यर्थियों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 11वें दिन में प्रवेश कर गया। धूप और बारिश की परवाह किए बिना छात्र ‘सिस्टम सुधारो’ और ‘परीक्षा रद्द करो’ की मांग पर अड़े हुए हैं।
गैर-राजनीतिक आंदोलन को मिल रहा भारी जनसमर्थन
इस आंदोलन की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह अनुशासित और गैर-राजनीतिक होना है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने किसी भी राजनीतिक दल को अपने मंच का इस्तेमाल करने से साफ मना कर दिया है। छात्रों के इस शांतिपूर्ण रुख को देखकर आम जनता का भी उन्हें भरपूर समर्थन मिल रहा है। रांची के आसपास के क्षेत्रों से छात्र पारंपरिक ढोल-नगाड़ों के साथ स्टेडियम पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ा रहे हैं।
भूखे पेट से शुरुआत, अब शहरवासी पहुंचा रहे खाना
आंदोलन के शुरुआती दिनों में संसाधनों की कमी के कारण छात्रों को चूड़ा, मुढ़ी, बिस्कुट और मिक्सचर खाकर दिन गुजारने पड़े थे। लेकिन अब स्थानीय नागरिक और शुभचिंतक छात्रों की मदद के लिए आगे आए हैं। लोग अपने घरों से रोटी, पूरी और सब्जी बनाकर धरना स्थल तक भेज रहे हैं, वहीं कई लोग ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए भी खाद्य सामग्री पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा दैनिक उपयोग का जरूरी सामान भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
“सिस्टम की खामियों के खिलाफ लड़ाई”
आंदोलनरत छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल एक परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पूरे भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ है जो सालों से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। अभ्यर्थियों ने कहा, “हर बार परीक्षा में गड़बड़ी होती है, जांच के नाम पर कुछ अफसरों पर कार्रवाई कर मामला शांत करा दिया जाता है। मेहनत छात्र करते हैं और धांधली के दम पर चयन किसी और का हो जाता है। जब तक सरकार पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करती और परीक्षा रद्द नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं होगा।”
