नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। शीर्ष अदालत ने पार्टी के चार फ्रीज किए गए बैंक खातों को संचालित करने की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट के पाले में डाल दिया है।
न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति पी. बी. वराले की पीठ ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि वह कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश में हस्तक्षेप करने के पक्ष में नहीं है, जिसमें खातों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुख्य मामला अभी हाईकोर्ट में लंबित है, इसलिए वह फिलहाल इसकी मेरिट में नहीं जाएगा। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाईकोर्ट से इस मामले की सुनवाई जल्द से जल्द पूरी करने का अनुरोध किया है।
804 करोड़ रुपये की राशि और अधिकार का मुद्दा अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव चिह्न पर रोक लगाए जाने के बाद, इन खातों में मौजूद लगभग 804 करोड़ रुपये की राशि पर असली अधिकार किसका है—यह एक बड़ा कानूनी मुद्दा है जो अभी न्यायिक निर्णय के अधीन है।
गौरतलब है कि 27 अगस्त को कलकत्ता हाईकोर्ट ने बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल गुट को इन खातों को ऑपरेट करने की अंतरिम अनुमति देने से मना कर दिया था, जिसके खिलाफ पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि ये चार खाते पहले से फ्रीज किए गए HDFC के तीन खातों से अलग हैं।

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