रांची: राजधानी रांची के अपर बाजार में नगर निगम और स्थानीय व्यापारियों के बीच विवाद गहरा गया है। नगर निगम द्वारा दुकानें खाली कराने का अंतिम नोटिस थमाए जाने के बाद से दुकानदारों में भारी आक्रोश व्याप्त है। व्यापारियों का आरोप है कि निगम कभी पार्किंग तो कभी ट्रेड लाइसेंस के नाम पर उन्हें लगातार परेशान कर रहा है और अब बकाया किराए का मनगढ़ंत बहाना बनाकर दुकानें खाली कराने पर आमादा है।
दुकानदारों ने निगम के बकाया किराए वाले दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वे हर महीने समय पर नियमित किराया जमा करते आए हैं। व्यापारियों के पास किराया जमा करने की पक्की रसीदें और रिसीविंग भी मौजूद हैं।
3 दिन का फरमान और नोटिस की तारीख पर सवाल: व्यापारियों ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो नोटिस 30 सितंबर की तारीख में तैयार किया गया था, वह उन्हें 3 अक्टूबर को सौंपा गया। इसमें महज तीन दिनों के भीतर दुकानें खाली करने का सख्त निर्देश दिया गया है। अचानक मिले इस अल्टीमेटम से अपर बाजार के व्यापारियों के बीच अनिश्चितता और नाराजगी का माहौल है, और उन्होंने निगम प्रशासन पर जबरन दुकानें खाली कराने के दबाव का आरोप लगाया है।
