रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC), जेएसएससी (JSSC), छात्रवृत्ति में देरी और राज्य की लचर शिक्षा व्यवस्था के विरोध में गुरुवार को छात्र-युवा सड़क पर उतर आए। अखिल झारखंड छात्र संघ (AJSU) और युवा आजसू के संयुक्त बैनर तले रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से लोकभवन तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला गया। इस प्रदर्शन में हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
मार्च के दौरान छात्र नेताओं ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड गठन के 25 साल बाद भी राज्य के युवा पारदर्शी बहाली और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए तरस रहे हैं।
छात्रों की मुख्य चिंताएं और मांगें:
- प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली और प्रश्नपत्र (पेपर) लीक पर रोक।
- परीक्षाओं के रद्द होने और रिजल्ट में हो रही देरी की प्रवृत्ति को समाप्त करना।
- छात्रवृत्ति का समय पर वितरण और पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया सुनिश्चित करना।
इस आंदोलन के दौरान गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लम्बोदर महतो, आजसू के केंद्रीय महासचिव संजय मेहता, छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक राज्य के युवाओं को उनका हक और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया नहीं मिल जाती, तब तक यह आंदोलन रुकने वाला नहीं है। इस मौके पर रांची जिले के कई छात्र प्रतिनिधि और कार्यकर्ता भारी संख्या में मौजूद रहे।
