बेतिया, बिहार: बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। बैरिया थाना क्षेत्र के बहेरिया इलाके में एक अवैध रूप से संचालित ‘सहारा वृद्धाश्रम’ में बेसहारा बुजुर्गों को बंधक बनाकर उन पर अमानवीय अत्याचार किए जा रहे थे। प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर 15 बुजुर्गों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।
मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- घटना का स्थान: सहारा वृद्धाश्रम, बहेरिया, बैरिया थाना क्षेत्र, बेतिया (बिहार)
- रेस्क्यू किए गए लोग: 15 लाचार और बेबस बुजुर्ग
- प्रताड़ना का तरीका: रात में मुंह में कपड़ा ठूंसकर लाठी-डंडों से पीटना और बंधक बनाना
- अवैध संचालन: इस आश्रम की मान्यता पहले ही रद्द की जा चुकी थी
पूरी घटना और पीड़ितों की आपबीती
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह गिरोह महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पटना जंक्शन और छपरा रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों से लाचार और बेबस बुजुर्गों को जबरन उठाकर इस आश्रम में लाता था और बंधक बनाकर रखता था।
पीड़ितों की मानें तो वृद्धजनों पर न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक अत्याचार भी किए जाते थे। एक वृद्ध महिला ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा:
“रात होते ही आश्रम के लोग उनके मुंह में कपड़ा ठूंस देते थे और फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई करते थे। अगर कोई बुजुर्ग अपने घर जाने की बात कहता, तो उसे बंद कमरे में प्रताड़ित किया जाता था।”
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
अवैध संचालन और मान्यता रद्द होने के बावजूद इस वृद्धाश्रम के चलने की जानकारी मिलने पर जिला प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आश्रम पर छापा मारा और वहां कैद 15 बुजुर्गों का रेस्क्यू किया। प्रशासन अब इस पूरे रैकेट की गहनता से जांच कर रहा है।
