12वें वेतन समझौते की मांग को लेकर कोयला मजदूरों का हल्लाबोल, डकरा-चुरी में गेट मीटिंग के साथ 10 अगस्त को महाप्रदर्शन का आह्वान

डकरा/चुरी (एनके एरिया):

कोयला उद्योग में 12वें वेतन समझौते (JBCCI-12) को अविलंब लागू करने की मांग को लेकर मजदूर संगठनों का आक्रोश गहराने लगा है। संयुक्त मोर्चा के बैनर तले गुरुवार को डकरा और चुरी खदान परियोजनाओं में विशाल गेट मीटिंग का आयोजन किया गया। इस दौरान ट्रेड यूनियन नेताओं ने केंद्र सरकार और कोल इंडिया प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगामी 10 अगस्त को एनके एरिया महाप्रबंधक कार्यालय पर आयोजित महाप्रदर्शन में शत-प्रतिशत भागीदारी की अपील की।

वेतन समझौते में देरी से बढ़ा मजदूर असंतोष

गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए यूनियन नेताओं ने बताया कि 11वें वेतन समझौते की मियाद 30 जून 2026 को ही समाप्त हो चुकी है। नियमानुसार जुलाई 2026 से नया यानी 12वां वेतन समझौता प्रभावी होना चाहिए, लेकिन कोल इंडिया प्रबंधन और केंद्र सरकार की ढुलमुल नीति के कारण अब तक जेबीसीसीआई-12 का गठन भी नहीं हो सका है। इसके अलावा, नए चार लेबर कोड के माध्यम से पारंपरिक वेज बोर्ड व्यवस्था को कमजोर करने के प्रयासों का भी पुरजोर विरोध किया गया।

10 अगस्त को जीएम कार्यालय का घेराव

इंटक, एटक, एचएमएस और सीटू जैसे प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़े नेताओं ने स्पष्ट किया कि हक की लड़ाई के लिए चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी गई है। इसके पहले चरण में 10 अगस्त को सुबह 10 बजे एनके एरिया स्थित महाप्रबंधक (GM) कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा।

कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता वरिष्ठ श्रमिक नेताओं ने की, जबकि संचालन शैलेश कुमार और गोल्डेन प्रसाद यादव ने किया। इस दौरान प्रेम कुमार, बी.एन. पांडेय, सुनील कुमार सिंह, रतिया गंझु, कृष्णा चौहान, विकास दुबे, देवपाल मुंडा, सुधीर राय, हलीम खान और धीरज कुमार समेत कई अन्य नेताओं ने भी मजदूरों को संबोधित करते हुए एकजुटता का संदेश दिया।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *