रांची: स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर झारखंड में जारी छात्र आंदोलन के बीच एक नया प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो को अस्पताल से बाहर निकलकर स्वतंत्रता दिवस की ‘तिरंगा यात्रा’ में शामिल होने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया है।
अस्पताल प्रशासन और पुलिस की इस अनुमति न देने की कार्रवाई के बाद से आंदोलनकारी छात्रों और समर्थकों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला? झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शी प्रक्रियाओं को लेकर लगातार आंदोलन चल रहा है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी कारणों या हिरासत के तहत अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने 15 अगस्त के पावन अवसर पर निकाली जाने वाली तिरंगा यात्रा में शामिल होने की इच्छा जताई थी। हालांकि, सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए उन्हें बाहर आने की अनुमति नहीं मिली।
छात्रों में गहराता गुस्सा अनुमति खारिज होने की खबर मिलते ही रिम्स/अस्पताल परिसर और सोशल मीडिया पर आंदोलनकारी युवाओं की प्रतिक्रियाएं तेज हो गईं। छात्रों का कहना है कि तिरंगा यात्रा एक राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है और इसमें शामिल होने से रोकना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
- प्रशासनिक रुख: सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए यात्रा की अनुमति नहीं दी गई।
- छात्र संगठन की चेतावनी: छात्रों ने इस कदम की निंदा करते हुए आंदोलन को और तेज करने की बात कही है।
स्वतंत्रता दिवस पर घटे इस घटनाक्रम ने राज्य में JPSC-JSSC आंदोलन की आग को और हवा दे दी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीति और विरोध प्रदर्शन दोनों के और तेज होने के आसार हैं।
