गिरिडीह: झारखंड का गिरिडीह जिला एक बार फिर साइबर अपराधियों की नई कर्टूतों को लेकर चर्चा में है। इस बार ठगों ने लोगों को चूना लगाने के लिए परिवहन विभाग (RTO) को अपना हथियार बनाया। गिरिडीह पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ‘फर्जी आरटीओ चालान’ भेजकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले शातिर अपराधी संदीप मंडल को धर-दबोचा है।
मंगलवार को साइबर थाना पुलिस की गिरफ्त में आए संदीप मंडल से पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
ऐसे देता था ठगी को अंजाम
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी संदीप मंडल बेहद शातिराना तरीके से वारदातों को अंजाम देता था:
- डर का माहौल: वह सबसे पहले वाहन मालिकों के मोबाइल पर RTO (परिवहन विभाग) का फर्जी चालान भेजता था।
- फर्जी लिंक का जाल: चालान कटने के डर से घबराए लोगों को वह मामले को रफा-दफा करने या ऑनलाइन भुगतान करने के बहाने एक फर्जी लिंक भेजता था।
- खाता साफ: जैसे ही पीड़ित उस लिंक पर क्लिक कर अपनी बैंकिंग डिटेल दर्ज करते, संदीप उनके बैंक खाते से जमा पूंजी साफ कर देता था।
पहले भी जा चुका है जेल
पकड़ा गया आरोपी संदीप मंडल गिरिडीह के गांडेय थाना क्षेत्र के मार्गोडीह गांव का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, संदीप कोई नौसिखिया नहीं बल्कि पुराना अपराधी है और पहले भी साइबर ठगी के मामले में जेल की हवा खा चुका है। पुलिस ने उसके पास से दो मोबाइल फोन और कई फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनकी कॉल डिटेल और डेटा को खंगाला जा रहा है।
साइबर पुलिस की अपील: गिरिडीह में नहीं है RTO का पद मामले की जानकारी देते हुए साइबर थाना प्रभारी रामेश्वर भगत ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गिरिडीह में आरटीओ (RTO) का कोई पद ही नहीं है। ऐसे में परिवहन विभाग के नाम पर आने वाले किसी भी संदिग्ध मैसेज या चालान के झांसे में न आएं। अगर कोई ऐसा लिंक या मैसेज मिलता है, तो तुरंत इसकी सूचना नजदीकी साइबर पुलिस को दें।
