रांची नगर निगम क्षेत्र में वाटर कनेक्शन का बिल जमा करने की व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने से करीब 82 हजार उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के 53 वार्डों में रहने वाले लोग न तो अपने बकाया पानी का बिल जमा कर पा रहे हैं और न ही नए वाटर कनेक्शन के लिए आसानी से आवेदन कर पा रहे हैं।
एजेंसियों की अवधि समाप्त होने से आई समस्या
मिली जानकारी के अनुसार, नगर विकास एवं आवास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (सुडा) द्वारा पूर्व में रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल के तहत काम कर रही तीन एजेंसियों की विस्तारित अवधि 31 जुलाई को समाप्त हो गई थी। इसके बाद से ही वाटर बिल जमा करने की पूरी व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई 2026 में लगभग 17 लाख 30 हजार रुपये के वाटर बिल जमा किए गए थे। हालांकि, एजेंसियों का कार्यकाल पूरा होने और राजस्व वसूली का काम अब सीधे नगर निकाय स्तर से कराने के फैसले के बाद बिल संग्रहण की प्रक्रिया में यह बाधा उत्पन्न हुई है।
आउटसोर्सिंग कर्मचारी अपने रोजगार को लेकर चिंतित
इस प्रशासनिक बदलाव का सीधा असर राजस्व वसूली के कार्य से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी पड़ा है। वर्षों से इस व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी अपने रोजगार और सेवा सुरक्षा को लेकर काफी चिंतित हैं। इस संबंध में कर्मचारियों ने कई बार नगर आयुक्त से मुलाकात कर अपनी मांगें भी रखी हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि एजेंसियां भले ही बदलती रहीं, लेकिन वे लगातार निष्ठा से राजस्व वसूली का काम करते आए हैं। ऐसे में उन्होंने सरकार से मांग की है कि जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बन जाती, तब तक उन्हें काम पर बनाए रखा जाए। फिलहाल, उपभोक्ताओं को व्यवस्था के दोबारा सुचारू होने का इंतजार है।
