रांची: राजधानी रांची के प्रमुख व्यापारिक केंद्र अपर बाजार में नगर निगम की नोटिस प्रक्रिया और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर व्यापारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। इसके विरोध में सोमवार को व्यवसायियों ने दोपहर 12 बजे तक अपनी दुकानें बंद रखकर सांकेतिक हड़ताल की और अपनी नाराजगी दर्ज कराई।
बिना स्वीकृत नक्शे, पार्किंग के अभाव और अवैध निर्माण को लेकर रांची नगर निगम द्वारा लगातार दिए जा रहे नोटिसों के खिलाफ कारोबारियों ने यह एकजुटता दिखाई। व्यापारियों का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक हो रही इस कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट आ गया है।
क्या है पूरा मामला?
रांची नगर निगम ने हाल ही में अपर बाजार के सैकड़ों व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी कर तय समय सीमा में दस्तावेज पेश करने के निर्देश दिए हैं। जिन दुकानों या भवनों में स्वीकृत नक्शा या पार्किंग जैसे मानक पूरे नहीं मिलेंगे, उनके ट्रेड लाइसेंस रद्द करने समेत सख्त कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके अलावा अपर बाजार और हरमू रोड स्थित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर के आसपास से अतिक्रमण हटाने की तैयारी भी चल रही है।
व्यापारियों की मांग और ट्रैफिक व्यवस्था पर सवाल:
स्थानीय दुकानदारों का तर्क है कि वर्षों से व्यवसाय कर रहे लोगों को अचानक अल्टीमेटम देना अनुचित है। निगम को कठोर कदम उठाने से पहले व्यापारियों के साथ सीधा संवाद स्थापित कर कोई वैकल्पिक राह निकालनी चाहिए।
कारोबारियों ने ट्रैफिक मुद्दे पर भी निगम को आड़े हाथों लिया। उनका कहना है कि अपर बाजार में रोज़ाना लगने वाले भीषण जाम जैसी मूलभूत समस्याओं को हल करने के बजाय नगर निगम केवल नोटिस जारी करने और दुकानों पर कार्रवाई करने तक सीमित रह गया है।
डिप्टी मेयर का आश्वासन:
बढ़ते विरोध के बीच रांची के डिप्टी मेयर नीरज कुमार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि नगर निगम का उद्देश्य किसी का रोजगार छीनना नहीं, बल्कि शहर को व्यवस्थित, स्वच्छ और सुगम बनाना है। उन्होंने व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि सभी पक्षों से वार्ता के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा और नियमों के दायरे में समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
