रांची/तमाड़: शिक्षक दिवस के अवसर पर जहां एक ओर शैक्षणिक संस्थानों में जश्न का माहौल था, वहीं दूसरी ओर तमाड़ इंटर कॉलेज सलगाड़ीह में शिक्षकों का आक्रोश देखने को मिला। झारखंड राज्य वित्त रहित संयुक्त शिक्षक संघर्ष मोर्चा के राज्यव्यापी आह्वान पर शनिवार, 5 सितंबर 2026 को कॉलेज के मुख्य द्वार पर शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं अपनी मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरने पर बैठ गए।
इस विरोध प्रदर्शन का आयोजन प्राचार्य श्री कृष्णा सिंह मुंडा की अध्यक्षता में हुआ, जबकि मंच का कुशल संचालन प्रोफेसर घनश्याम महतो ने किया।
‘सम्मान छोड़ गेट पर बैठने को मजबूर शिक्षक’ धरना सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक प्रतिनिधि प्रोफेसर रंजीत कुमार मोदक ने राज्य सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि शिक्षक दिवस जैसे पावन अवसर पर गुरुजनों को सम्मान समारोह छोड़कर सड़कों और मुख्य द्वारों पर अपनी बुनियादी मांगों के लिए धरना देना पड़ रहा है। उन्होंने इस स्थिति को राज्य सरकार और प्रशासन के लिए चिंताजनक बताया।
प्रमुख मांगें:
- अनुदान में बढ़ोतरी: वित्त रहित शैक्षणिक संस्थानों के लिए अनुदान की राशि को तत्काल बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया जाए।
- सेवा शर्त नियमावली: लंबे समय से लंबित पड़ी सेवा शर्त नियमावली को अविलंब लागू किया जाए, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य और आजीविका को सुरक्षा मिल सके।
