झारखंड हाईकोर्ट ने 4 साल 6 महीने की बच्ची की कस्टडी से जुड़े मामले में एक बेहद अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने हजारीबाग फैमिली कोर्ट के उस आदेश को पूरी तरह से रद्द कर दिया, जिसमें मां को बच्ची की अंतरिम कस्टडी देने से इनकार किया गया था। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि बच्चे का हित और कल्याण ही सर्वोपरि है और इसके आधार पर बच्ची की अंतरिम कस्टडी उसकी मां को सौंपने का निर्देश दिया।
कोर्ट के नए आदेश के अनुसार, पिता को एक सप्ताह के भीतर बच्ची को उसकी मां के हवाले करना होगा। हालांकि, पिता के अधिकारों का ध्यान रखते हुए अदालत ने उन्हें हर सप्ताहांत (वीकेंड) अपनी बेटी से मिलने की अनुमति दी है। इस बीच, बच्ची की स्थायी कस्टडी को लेकर मामला फिलहाल कोर्ट में लंबित है।
