झारखंड में नाबालिगों से जुड़े अपराधों और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत दर्ज मुकदमों को लेकर सुप्रीम कोर्ट और झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत के निर्देशों के बाद राज्य का सीआईडी और पुलिस मुख्यालय एक्शन मोड में आ गया है। इस संबंध में सीआईडी ने राज्य के सभी 24 जिलों से नाबालिगों के मामलों, सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट और पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा ब्योरा तलब किया है।
झारखंड हाईकोर्ट की जुवेनाइल जस्टिस सह पॉक्सो कमेटी की पहल पर जिलों से तय एक्सेल फॉर्मेट में सॉफ्ट व हार्ड कॉपी के रूप में जानकारी मांगी गई है, जिसे सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाएगा। रिपोर्ट के पहले भाग में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (JJB), चिल्ड्रन्स कोर्ट, स्पेशल पुलिस यूनिट और ट्रेनिंग प्राप्त अधिकारियों की स्थिति का ब्योरा मांगा गया है, जबकि दूसरे भाग में 1 जनवरी 2019 से 30 जून 2026 तक कानून के घेरे में आए बच्चों की सोशल बैकग्राउंड रिपोर्ट का साल-दर-साल डेटा मांगा गया है।
