रांची: जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितता से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में बंद आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। सीआईडी (CID) की विशेष अदालत ने मामले में आरोपी सुषमा देवी और अक्षय तिवारी की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों को फिलहाल जेल में ही रहना होगा।
यह पूरा मामला CID थाना कांड संख्या 1/2025 से संबंधित है। मामले की जांच कर रही सीआईडी ने जांच प्रक्रिया के दौरान ही मुख्य आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा देवी और उनके भाई अक्षय तिवारी को भी संलिप्तता के आधार पर आरोपी बनाया था। इससे पहले सीआईडी ने इस मामले में जुलाई महीने में अभय तिवारी को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद जांच की कड़ी आगे बढ़ाते हुए अगस्त में सुषमा देवी और अक्षय तिवारी को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान सीआईडी की ओर से अदालत के समक्ष विस्तृत केस डायरी और जांच में सामने आए महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। जांच एजेंसी ने एकत्रित प्रमाणों का हवाला देते हुए आरोपियों की जमानत का कड़ा विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और केस डायरी का अवलोकन करने के बाद आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज करने का आदेश जारी किया।
