गुवाहाटी: असम में विनाशकारी बाढ़ से हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। शिवसागर जिले में दो और लोगों की मौत के बाद राज्य में बाढ़ से जान गंवाने वालों का आंकड़ा बढ़कर 80 हो गया है। फिलहाल राज्य के 8 जिलों के 437 गांवों में 2.12 लाख से अधिक लोग बाढ़ की विभीषिका झेल रहे हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा तबाही बाढ़ का सबसे गंभीर असर चराइदेव, शिवसागर और जोरहाट जिलों में देखने को मिल रहा है। अकेले चराइदेव में लगभग 80,000, शिवसागर में 71,000 और जोरहाट में 40,000 लोग प्रभावित हैं। राहत और बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने 112 राहत शिविर बनाए हैं, जहां 75,000 से अधिक लोगों ने शरण ले रखी है। सेना, NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस राहत अभियानों में दिन-रात जुटी हुई है।
बाढ़ पीड़ितों के लिए 6 महीने के लोन मोराटोरियम का ऐलान आपदा के बीच मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बाढ़ पीड़ितों को बड़ी आर्थिक राहत देने की घोषणा की है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की बैठक के बाद फैसला लिया गया है कि शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट के बाढ़ प्रभावित लोगों को सभी तरह के लोन की अदायगी में 6 महीने की मोहलत (Moratorium) दी जाएगी। साथ ही, लोन चुकाने की अवधि को भी एक से सात साल तक बढ़ाया जा सकेगा।
इसके अलावा राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से भी पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए विशेष सहायता पैकेज की मांग की है।
