मोतिहारी/पटना: राजधानी पटना में शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे BPSC अभ्यर्थियों पर हुए पुलिसिया एक्शन ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पूर्वी चंपारण जिला कांग्रेस कमिटी ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए बिहार सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की बर्बरता की तुलना ‘जनरल डायर’ के शासन से कर डाली।
“जुल्मी सरकार की जुल्मी पुलिस”: कांग्रेस
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस नेता प्रोफेसर विजय शंकर पाण्डेय और ओसैदूर रहमान खान ने कहा कि पटना की सड़कों पर अपने अधिकार और नौकरी की मांग कर रहे युवाओं को बेरहमी से पीटा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस इस तरह टूट पड़ी जैसे जेपी गोलंबर कोई रणक्षेत्र हो। कांग्रेस नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा, “कल जेपी गोलंबर जलियांवाला बाग जैसा दिख रहा था और पुलिस जनरल डायर की भूमिका में थी।”
TRE-4 वैकेंसी में देरी और उम्र सीमा का संकट
कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में 2 लाख से अधिक शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार बहाली प्रक्रिया को जानबूझकर लटका रही है। टीईटी (TET) और एसटीईटी (STET) पास अभ्यर्थी लंबे समय से TRE-4 वैकेंसी जारी करने की मांग कर रहे हैं। वैकेंसी में हो रही देरी के कारण हजारों युवाओं की उम्र सीमा समाप्त हो रही है, जिससे उनका भविष्य अंधकार में है।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
नेताओं ने कहा कि पिछले 20 वर्षों में बिहार की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदहाल हो चुकी है। एक तरफ स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, वहीं दूसरी ओर जब योग्य उम्मीदवार नौकरी मांगते हैं, तो उन्हें लाठियों से नवाजा जाता है। कई अभ्यर्थियों के सिर फट गए हैं और कइयों के हाथ-पैर टूटे हैं, जो लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है।
