रांची / सरायकेला:
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में सेंधमारी कर नौकरी दिलाने का दावा करने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। अभ्यर्थियों को शत-प्रतिशत चयन की गारंटी देकर लाखों रुपये ऐंठने वाले इस नेटवर्क के 5 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह PGT सहायक आचार्य पद के लिए अभ्यर्थियों से 10-10 लाख रुपये तक की मांग कर रहा था।
हवलदार से शुरू हुआ जांच का दायरा
इस पूरे मामले का खुलासा सरायकेला-खरसावां जिले के चौका क्षेत्र से हुआ, जहां स्थानीय ग्रामीणों ने सुशील कुमार नाम के एक हवलदार को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। सुशील पर अभ्यर्थियों को JSSC PGT परीक्षा में पास कराने का झांसा देने का आरोप था। पुलिस को उसके पास से कई अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र (Admit Card), हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक और अन्य संदिग्ध दस्तावेज मिले।
कोर्ट में आत्मसमर्पण और ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां
सुशील कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की कड़ी पूछताछ में गिरोह की परतें खुलती चली गईं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए:
- गिरिडीह से अमित उर्फ आर्यन और उसके चचेरे भाई अभिजीत कुमार को दबोचा।
- रांची के सुखदेवनगर थाना क्षेत्र से गिरोह के एक अन्य सदस्य चंदन कुमार को गिरफ्तार किया।
- मामले में घिरता देख एक आरोपी राजेश कुमार ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स जब्त किए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह के तार राज्य के कई अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस जब्त उपकरणों के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अब तक कितने अभ्यर्थी इस ठगी का शिकार बन चुके हैं और इस रैकेट में कौन-कौन से सफेदपोश शामिल हैं।
