पलामू जिले में कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने और अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए पुलिस महकमा रेस हो गया है। पुलिस अधीक्षक (SP) कपिल चौधरी ने शुक्रवार को पुलिस लाइन के ब्लॉक-बी स्थित सभागार में जिले की मासिक अपराध गोष्ठी की। इस उच्च स्तरीय बैठक में एसपी ने जिले के सभी थाना और ओपी प्रभारियों को अपराध नियंत्रण को लेकर कई कड़े दिशा-निर्देश दिए।
पुराने अपराधियों पर रहेगी पैनी नजर, क्यूआर कोड से होगी गश्त
बैठक के दौरान एसपी कपिल चौधरी ने पिछले 10 वर्षों में जेल से रिहा हुए लूट, डकैती, आर्म्स एक्ट, चोरी और गृहभेदन (चोरी) जैसे संगीन मामलों के अपराधियों का भौतिक सत्यापन करने और उन पर लगातार निगरानी रखने का आदेश दिया। इसके अलावा, जिले में गश्ती व्यवस्था को हाईटेक और मजबूत बनाने के लिए ‘क्यूआर कोड स्कैन प्रणाली’ के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
लंबित मामलों का जल्द निपटारा और नशे के खिलाफ अभियान
अपराध गोष्ठी में लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, वारंट और कुर्की-जब्ती की तामीली, और मादक पदार्थों (ड्रग्स) की अवैध खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने की रणनीति बनाई गई। साथ ही, आपातकालीन ‘डायल-112’ सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने तथा बीट पुलिसिंग को मजबूत करने की समीक्षा की गई।
थाना स्तर पर रोज होगी समीक्षा
एसपी ने स्पष्ट किया कि पिछले महीने दिए गए निर्देशों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी गहन समीक्षा की गई है और अगली बैठक में भी इन बिंदुओं पर जवाबदेही तय होगी। बैठक के अंत में सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रतिदिन अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ बैठक करें, ताकि जिले में सक्रिय और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में जिले के सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), पुलिस निरीक्षक, थाना प्रभारी, ओपी प्रभारी और विभिन्न शाखाओं के प्रभारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
