रांची: राजधानी रांची में कैब ड्राइवरों के बाद अब रैपिडो बाइक राइडर्स ने भी अपनी मांगों को लेकर कंपनी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सैकड़ों की संख्या में बाइक राइडर्स ने सड़क पर उतरकर जमकर प्रदर्शन किया। राइडर्स का साफ कहना है कि जब तक कंपनी उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन और हड़ताल जारी रहेगी।
क्यों नाराज हैं रैपिडो बाइक राइडर्स?
प्रदर्शन कर रहे राइडर्स के मुताबिक, पिछले दो साल से उनके किराए (फेयर स्ट्रक्चर) में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। दूसरी तरफ पेट्रोल की बढ़ती कीमतें, बाइक की मेंटेनेंस-सर्विसिंग और कमरतोड़ महंगाई ने उनकी कमर तोड़ दी है। मौजूदा किराए से लागत निकालना और परिवार का गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। दिन-रात रिस्क लेकर सड़कों पर सर्विस देने के बावजूद उनकी कमाई लगातार घट रही है।
क्या हैं बाइक राइडर्स की मुख्य मांगें?
रैपिडो राइडर्स ने मुख्य रूप से किराए में बढ़ोतरी और कंपनी के कमीशन को कम करने की मांग रखी है:
- बेस फेयर में बढ़ोतरी: फिलहाल राइडर्स को 3 किलोमीटर तक की राइड के लिए 15 रुपये का बेस फेयर मिलता है, जिसे बढ़ाकर 25 रुपये करने की मांग की गई है।
- प्रति किलोमीटर किराया बढ़े: अभी शुरुआती दूरी के बाद प्रति किलोमीटर 5 रुपये मिलते हैं, जिसे बढ़ाकर 8 रुपये प्रति किलोमीटर करने की मांग है।
- कमिशन में कटौती: कंपनी फिलहाल राइडर्स से 30 से 35 फीसदी तक का भारी-भरकम कमीशन वसूलती है। राइडर्स की मांग है कि इसे घटाकर अधिकतम 20 फीसदी किया जाए।
