रांची: राजधानी के प्रतिष्ठित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) परिसर में हुए अतिक्रमण हटाओ विवाद मामले में आरोपी निशा कुमारी भगत को झारखंड हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए निशा कुमारी भगत की अग्रिम जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद पिछले साल 17 दिसंबर 2025 का है, जब प्रशासन की टीम रिम्स परिसर में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी। इस अभियान के दौरान स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई थी।
पुलिस की एफआईआर के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों पर सरकारी काम में बाधा डालने और मारपीट करने का आरोप लगाया गया था। इस झड़प के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी भी चोटिल हो गई थीं। इसी सिलसिले में रांची के सदर थाने में कांड संख्या 608/2025 के तहत निशा कुमारी भगत सहित अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
निचली अदालत से झटका लगने के बाद पहुंची थीं हाई कोर्ट
इससे पहले निशा कुमारी भगत ने अग्रिम जमानत के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया। हाई कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उन्हें अग्रिम जमानत की सुविधा प्रदान कर दी है। हालांकि, इस मामले में पुलिसिया जांच और अन्य आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अभी भी जारी है।
