रांची: खांसते, छींकते या हंसते समय महिलाओं में यूरिन लीकेज की समस्या को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर जांच और सही इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। यह अपील रांची के रिम्स ऑडिटोरियम में शनिवार को रांची ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी (रोग्स) द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘फोग्सी यूरोगाइन एंड वेजाईनल सर्जरी कांक्लेव’ के दौरान की गई।
‘फ्रॉम प्रिवेंशन टू प्रेसीजन सर्जरी’ थीम पर आयोजित इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश से यूरोगायनेकोलॉजी और वेजाइनल सर्जरी के विशेषज्ञ शामिल हुए। मेदांता गुड़गांव की डॉ. अमिता जैन ने बताया कि यह समस्या केवल उम्रदराज़ महिलाओं में ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी (यंग जनरेशन) में भी तेजी से देखी जा रही है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे लक्षण दिखते ही महिलाओं को तुरंत यूरो-गायनेकोलॉजिस्ट से संपर्क करना चाहिए। कांक्लेव के दौरान आधुनिक सर्जिकल तकनीकों और उपचार पद्धतियों पर चर्चा के साथ लाइव सर्जरी का भी प्रसारण किया गया।
