राँची: झारखंड हाईकोर्ट ने लाखों रुपये की साइबर ठगी के आरोपी रोहित कुमार मंडल को बड़ी राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले से जुड़े पुख्ता डिजिटल साक्ष्यों और आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।
निचली अदालत के बाद अब हाईकोर्ट से भी लगा झटका
जामताड़ा निवासी रोहित कुमार मंडल पिछले साल 26 अगस्त 2025 से ही न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। इससे पहले आरोपी ने निचली अदालत में भी जमानत के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन वहां से याचिका खारिज होने के बाद उसने हाईकोर्ट का रुख किया था। हालांकि, हाईकोर्ट से भी उसे निराशा ही हाथ लगी है।
फॉरेंसिक जांच और संदिग्ध लेन-देन ने बढ़ाई मुश्किलें
जांच एजेंसियों द्वारा की गई कार्रवाई में आरोपी के पास से भारी मात्रा में संदिग्ध सामग्रियां और अहम सुराग हाथ लगे हैं। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसमें साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क और संदिग्ध व्हाट्सएप चैट का विवरण मिला है। इसके अलावा आरोपी के खिलाफ जांच में निम्नलिखित बरामदगी और वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं:
- संदिग्ध बैंक लेन-देन: आरोपी के बैंक खातों में 61.32 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध ट्रांजैक्शन पाया गया है।
- नकद और गैजेट्स की बरामदगी: आरोपी के पास से 1.11 लाख रुपये कैश, 9 मोबाइल फोन और 7 एटीएम कार्ड जब्त किए गए हैं।
- फर्जी आईडी का खेल: ठगी को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे 15 एक्टिवेटेड फर्जी सिम कार्ड भी बरामद हुए हैं।
अदालत ने इन सभी डिजिटल और भौतिक साक्ष्यों को बेहद गंभीर माना और आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। फिलहाल इस पूरे नेक्सस को लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
