पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और राज्य के करीब 48 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अधिकतर नदियों का जलस्तर अब धीरे-धीरे घटना शुरू हो गया है, लेकिन वे अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी साझा की।
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 15 जिलों के 87 प्रखंडों की 575 ग्राम पंचायतों में लगभग 48.35 लाख लोग बाढ़ की चपेट में आए हैं। बाढ़ से प्रभावित मुख्य जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं।
कटाव से बचाव के लिए संवेदनशील इलाकों पर निगरानी तेज नदियों के जलस्तर में गिरावट के साथ ही किनारे वाले इलाकों में भू-कटाव (इरोजन) की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग (WRD) ने अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर 24 घंटे कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
राज्य सरकार ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि कटाव की किसी भी घटना की तुरंत रिपोर्ट की जाए और प्रभावित इलाकों में जरूरी संसाधन व राहत सामग्री हमेशा उपलब्ध रखी जाए।
