रांची: सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम हैवी इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन (एचईसी) में आर्थिक संकट और वेतन बकाया का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। हटिया कामगार यूनियन (एटक) ने केंद्र सरकार और एचईसी प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कर्मचारियों के बकाया वेतन और सेवानिवृत्त कर्मियों के एरियर के त्वरित भुगतान की मांग की है।
वेतन और एरियर से जुड़ी मुख्य बातें:
- कार्यरत कामगारों का बकाया: एचईसी में कार्यरत श्रमिकों को पिछले 30 महीनों से वेतन नहीं मिला है।
- अधिकारियों का संकट: अधिकारियों का स्थिति और भी गंभीर है, जिनका 34 महीनों का वेतन अटका हुआ है।
- रिटायर्ड कर्मियों का एरियर: सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों की लीव सैलरी (अप्रैल 2017 से) और ग्रैच्युटी (जून 2018 से) का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है।
प्रबंधन के रवैये पर उठाए सवाल: हटिया कामगार यूनियन (एटक) के उपाध्यक्ष लालदेव सिंह ने आरोप लगाया कि प्रबंधन लगातार आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। एक तरफ उत्पादन बढ़ाने की बात कही जाती है, तो दूसरी तरफ इसके लिए जरूरी वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिससे उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
यूनियन नेताओं ने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रपति और भारी उद्योग मंत्रालय को कई बार पत्र भेजे गए हैं, लेकिन हर बार मामला एचईसी प्रबंधन पर टाल दिया जाता है। यूनियन ने मांग की है कि केंद्र सरकार एचईसी को पुनर्जीवित करने और सभी बकायों के एकमुश्त निपटारे के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए, अन्यथा कर्मचारी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
