रांची: प्रमंडलीय राजभाषा कार्यालय (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) द्वारा हिंदी दिवस के अवसर पर कार्यालय सभागार में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
समारोह की शुरुआत उप निदेशक (राजभाषा) रविशंकर मिश्रा के स्वागत भाषण से हुई, जबकि विशिष्ट अतिथि संजय कुमार भगत ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।
हिंदी भारत की एकता और अखंडता का प्रतीक समारोह को संबोधित करते हुए उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि हिंदी कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक पूरे देश को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है। यह केवल संपर्क की भाषा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता, एकता और भावनात्मक एकजुटता का मुख्य स्तंभ है।
मातृभाषा में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि अपनी भाषा में अध्ययन करने से युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मौलिक सोच का विकास होता है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आधुनिक दौर का जिक्र करते हुए उन्होंने हिंदी को विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और रोजगार से जोड़ने पर विशेष बल दिया।
कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन कार्यक्रम के दूसरे सत्र में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें प्रसिद्ध साहित्यकारों और कवियों—डॉ. जंगबहादुर पाण्डेय, डॉ. राजश्री जयन्ती, डॉ. सुरिन्दर कौर “नीलम”, नसीर अफसर, नरेश कुमार बंका, शालिनी नायक, सदानन्द सिंह यादव, सूरज श्रीवास्तव, डॉ. रजनी शर्मा “चन्दा” और डॉ. विनोद सिंह गहरवार ने अपनी रचनाओं का पाठ कर समां बांधा।
इस अवसर पर सदर एसडीओ कुमार रजत, एडीएम धनंजय, अपर समाहर्ता रामनारायण सिंह सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
