रांची: रेलवे सुरक्षा बल (RPF) रांची ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत रांची रेलवे स्टेशन से एक 15 वर्षीय नाबालिग लड़की को सकुशल रेस्क्यू किया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्ची को सुरक्षित रूप से चाइल्डलाइन को सौंप दिया गया है।
प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर डरी-सहमी बैठी थी बच्ची
जानकारी के अनुसार, 6 जुलाई को आरपीएफ रांची के पोस्ट प्रभारी के निर्देश पर ‘नन्हे फरिश्ते’ और चाइल्डलाइन रांची की संयुक्त टीम स्टेशन पर रूटीन गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम की नजर प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर स्टेशन मास्टर कार्यालय के सामने अकेली बैठी एक डरी-सहमी लड़की पर पड़ी। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम किरतनी कुमारी (15 वर्ष) और घर गुमला जिले के डुमरी थाना क्षेत्र स्थित चिरैया गांव बताया।
पिता की डांट से नाराज होकर घर से भागी थी
आरपीएफ की महिला अधिकारियों ने जब बच्ची को विश्वास में लेकर पूछताछ की, तो उसने बताया कि पिता की डांट-फटकार और मारपीट से नाराज होकर वह बिना बताए घर से निकल गई थी। वह ट्रेन पकड़कर पश्चिम बंगाल में रहने वाले अपने एक दोस्त से मिलने जा रही थी। बच्ची की सुरक्षा को देखते हुए आरपीएफ ने उसे आगे जाने से रोक दिया।
चाइल्डलाइन को किया गया सुपुर्द
आरपीएफ ने जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शाम करीब 7:10 बजे नाबालिग को चाइल्डलाइन हटिया की सुपरवाइजर अर्पणा को सौंप दिया, ताकि बच्ची की उचित देखभाल, काउंसिलिंग और पुनर्वास हो सके।
