रांची: दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को दो अलग-अलग अभियानों में बड़ी सफलता हाथ लगी है। आरपीएफ ने ‘ऑपरेशन नारकोस’ के तहत करीब 6 लाख रुपये मूल्य का 12 किलोग्राम गांजा जब्त कर एक अंतरराज्यीय तस्कर को धर दबोचा। वहीं दूसरी ओर, ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के जरिए घर से भागकर आई 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की को सुरक्षित रेस्क्यू किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 जुलाई को नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए आरपीएफ पोस्ट रांची और फ्लाइंग टीम ने संयुक्त जांच अभियान चलाया। निरीक्षक शिशुपाल कुमार के नेतृत्व में प्लेटफॉर्म संख्या-1 के वीआईपी गेट के समीप चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर घबराने लगा।
संदेह होने पर जब टीम ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसकी पहचान बृजराज यादव (निवासी कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। सहायक सुरक्षा आयुक्त (RPF) प्रताप सिंह नेगी के पर्यवेक्षण में NDPS एक्ट का पालन करते हुए बैग की तलाशी ली गई, जिसमें से 12 किलोग्राम गांजा (कीमत लगभग ₹6 लाख) बरामद हुआ।
कड़ाई से पूछताछ में आरोपी बृजराज ने बताया कि ओडिशा के संताला से गोरखपुर गांजा पहुँचाने के लिए उसे मेहंदी अंसारी नामक व्यक्ति ने प्रति किलो ₹1,000 देने का सौदा किया था। हालांकि, स्टेशन पर चेकिंग देखकर मुख्य सरगना मेहंदी अंसारी मौके से फरार हो गया। आरपीएफ ने जब्त गांजे और आरोपी बृजराज को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) रांची के सुपुर्द कर दिया है।
इसके अलावा, आरपीएफ टीम ने एक अन्य मानवीय कार्रवाई करते हुए स्टेशन से भटकी हुई 15 वर्षीय नाबालिग को सुरक्षित बचाकर चाइल्डलाइन को सौंप दिया। इस सफल अभियान में निरीक्षक शिशुपाल कुमार, उपनिरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक अजीत कुमार और आरक्षक दिलीप कुमार जितरवाल की मुख्य भूमिका रही।
